
चुप रहने पर उपराष्ट्रपति बनाने का इशारा था: सत्यपाल मलिक
झुंझुनू- 10 सितंबर। मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने उप राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। मलिक ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मुझे भी चुप रहने पर उप राष्ट्रपति बनाने का इशारा किया गया था, लेकिन मैंने कह दिया कि मैं ऐसा नहीं कर सकता। मैं जो महसूस करता हूं, वह जरूर बोलता हूं। चाहे उसके लिए मुझे कुछ भी छोड़ना पड़े। हालांकि जगदीप धनखड़ इस पद के लिए डिजर्व करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी की हर बात का सपोर्ट करता हूं। साथ ही मैं अपना मत जाहिर कर देता हूं। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं मोदी सरकार के खिलाफ हूं। शनिवार को राजस्थान दौरे पर आए मलिक नागौर जाते हुए कुछ देर झुंझुनू जिले के बगड़ कस्बे में रुके थे उस दौरान ये बातें कहीं।
सत्यपाल मलिक ने इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्यपथ करने पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि दिल्ली के राजपथ का नाम बदलने की जरूरत नहीं थी। राजपथ अपने आप में बहुत अच्छा नाम था। सभी जानते थे, लेकिन बदल दिया गया है। यह किसी मंत्र की तरह लगता है। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर सत्यपाल मलिक ने कहा- राहुल गांधी अपनी पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। वो युवा नेता हैं। कोई भी नेता ऐसा काम नहीं करता जो आज राहुल गांधी कर रहे हैं। वे अच्छा काम कर रहे हैं।
देश में प्रवर्तन निदेशालय ईडी और सीबीआई की छापेमारी को लेकर उन्होंने कहा- भाजपा में भी बहुत से लोग हैं, जिन पर छापामार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केंद्र सरकार को उन पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन पर ईडी और सीबीआई के छापों की जरूरत है। इसीलिए देश में छापों को लेकर अलग माहौल बन गया। मलिक ने कहा- हालात को देखते हुए किसानों को आंदोलन करना पड़ेगा। मुझे नहीं लगता कि केन्द्र सरकार एमएसपी को लागू करेगी। अगर सरकार एमएसपी को लागू नहीं करती है तो लड़ाई लड़नी पड़ेगी। जहां किसान हक के लिए लड़ेंगे, वहीं मैं पहुंच जाऊंगा। झुंझुनू के बगड़ से वे लाडनूं के लिए रवाना हो गए।



