
‘‘चिठ्ठी न कोई संदेश-जाने वह कौन सा देश,जहां तूम चल गए‘‘—
मधुबनी-22 फरवरी। जिला मुख्यालय स्थित एक होटल में स्वर कोकिला लता मंगेशकर की याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम ‘‘एक शाम लता के नाम‘‘ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत लता जी के तस्वीर के आगे कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दे की गई। कार्यक्रम की शुरुआत मीनू मिश्रा के द्वारा ए मेरे वतन के लोगों गीत से हुई। डीडीसी ने कहा की देश की शान और संगीत जगत की शिरमोर स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी का निधन बहुत ही दुखद है। पुण्यात्मा को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। उनका जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है। वे सभी संगीत साधकों के लिए सदैव प्रेरणा थी।
उन्होंने कहा कि 50 हजार से अधिक गाने गाकर उनकी आवाज ने संगीत की दुनिया को सुरों से नवाजा है। लता दीदी बेहद ही शांत स्वभाव एवं प्रतिभा की धनी थी। कार्यक्रम का आयोजन इस्माहतुल्ल्ह उर्फ गुलाब (मिथिला आइडल सिंगिंग ग्रुप) एवं जिला परिषद सदस्य सईदा बानो के द्वारा किया गया। लता मंगेश्कर के शुरुआती जीवन से लेकर अंतिम क्षण तक के जीवन से जुड़ी खास बातों को अलग-अलग कड़ियों में सिविल सर्जन डॉ0 सुनील कुमार झा ने कही।
कार्यक्रम के अंत में ‘‘चिठ्ठी न कोई संदेश-जाने वह कौन सा देश,जहां तूम चल गए‘‘ मेरी आवाज ही पहचान है,रहे न रहे हम आदि गीत प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में प्रमुख्य गाइका मीनू मिश्र एवं प्रेम सागर सहित रूबी झा,सीमा झा,डा0 नीरज रामपट्टी मो0 गुलाब,गायन कलाकार म्यूजिक बैंड मुन्ना मेहता,मनीष कर्ण काली चरण,विभा कुमारी व मिथिला आईडल सिंगिंग ग्रुप के सभी सदस्य ने किया। मौके पर डॉ विनय,डॉक्टर शकील,डॉ निरंजन जयसवाल, डा0 प्रमोद कुमार,डा0 रामरूप, डॉक्टर नीरज कुमार,डॉ. विनोद कुमार झा,उदय जयसवाल, शाहजहा सहित जिला के सैंकड़ो गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।



