
किसान रेल के माध्यम से बरौनी से 193 मिल्क टैंक पहुंचा झारखंड और आसाम
बेगूसराय- 16 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ”किसान रेल” रेलवे की आय का बड़ा माध्यम बन गया है। विगत एक वित्तीय वर्ष में 193 मिल्क टैंक बरौनी से झारखंड एवं गुवाहाटी ले जाया गया है, इससे करीब एक करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि दुग्ध का परिवहन पहले केवल सड़क मार्ग से होता था, उसे भी अब रेल मार्ग द्वारा किया जा रहा है। पूर्व मध्य रेल द्वारा ‘किसान रेल‘ योजना के तहत बरौनी डेयरी से दुध का परिवहन टाटा, हटिया एवं कामाख्या के लिए शुरू की गई। अप्रैल 2021 से मार्च 2022 के दौरान 193 रेल मिल्क टैंक बुक किए गए, जिससे रेलवे को 95.03 लाख का मालभाड़ा राजस्व प्राप्त हुआ है।
उन्होंने बताया कि पूर्व मध्य रेल पिछले सात वर्षों से एक सौ मिलियन टन से अधिक माल लदान करने वाले पांच रेलवे के प्रतिष्ठित क्लब का सदस्य है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के 31 मार्च तक पूर्व मध्य रेल द्वारा 167.03 मिलियन टन का माल लदान किया गया, जिससे 19327.37 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। यह भारतीय रेलवे के सभी क्षेत्रीय रेलवे में चौथा सबसे ज्यादा माल लदान तथा तीसरा सबसे ज्यादा माल ढुलाई से प्राप्त राजस्व है। इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए पूर्व मध्य रेल द्वारा कई छोटे-बड़े कदम उठाए गए हैं।
रेलवे स्टेशन के गुड़स शेड का पीपीपी मोड के माध्यम से बुनियादी ढांचा विकसित किया गया। पूर्व मध्य रेल पीपीपी के माध्यम से गुड़स शेड के विकास करने वाला भारतीय रेलवे का पहला क्षेत्रीय रेल हैै। 12 स्टेशनों पर राजस्व बंटवारे के मॉडल पर पीपीपी मोड के माध्यम से गुड्स शेड के बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है, निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। माल ढुलाई की अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए उद्योगों और ग्राहकों के साथ निरंतर संवाद के साथ नए फ्रेट टर्मिनलों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
माल ढुलाई की दोनों मांगों को पूरा करने के लिए बारह नए गुड्स शेड खोले गए हैं। अतिरिक्त कमोडिटी हैंडलिंग के लिए सात गुड्स शेड खोले गए हैैं। पांच नई साइडिंग चालू की गई है, कंटेनर यातायात को बढ़ावा देने के लिए सीआरटी टर्मिनलों का विकास किया जा रहा है। ग्राहकों के साथ सीधे तौर पर संवाद और संपर्क के लिए मुख्यालय के साथ-साथ मंडलों में बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट का गठन किया गया है। फ्लाई ऐश के 139 रेक का परिवहन करते हुए 23.66 करोड़ तथा रेड-मड के 284 रेक की ढुलाई से 121.07 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
बिहार राज्य खाद्य निगम के खाद्यान्न खरीद एवं राज्य के भीतर शत-प्रतिशत परिवहन रेलवे द्वारा किया जा रहा है। पोल्ट्री फीड के 19 मिनी रेक के परिवहन से 1.94 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। बीडीयू के प्रोएक्टिव एप्रोच से वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान पूर्व मध्य रेल को नई वस्तुओं स्टोन चिप्स, प्लाई ऐश, रेल मड, सैंड, पोल्ट्री फीड, मक्का, गेहूं, चावल, क्लिंकर इत्यादि के 3951 रेक के परिवहन से 887 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ।



