
कांग्रेस कार्यकर्ता सडकों पर, ED कार्यालय तक निकाला पैदल मार्च
जयपुर- 13 जून। नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा नोटिस दिए जाने और राहुल गांधी को पूछताछ के लिए तलब किए जाने के खिलाफ देशभर में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ साथ हजारों कार्यकर्ता सडकों पर उतरे। दिल्ली के साथ साथ राजस्थान में भी विरोध की गूंज सुनाई दी।राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में सोमवार प्रात: पीसीसी मुख्यालय से अम्बेडकर सर्किल स्थित ईडी कार्यालय तक विशाल पैदल मार्च निकालकर ईडी कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया गया और धरना देकर केन्द्र सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
केन्द्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी के साथ निकाले गया मार्च ईडी दफ्तर के बाहर कुछ देर के लिए उग्र हो गया। कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने ईडी कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी कर धरना प्रदर्शन और गेट में घुसने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं ने वहां बेरिकेटिंग को भी नुकसान पहुंचाय। बाद में पुलिस ने बलपूर्वक कार्यकर्ताओं को वहां से हटाया। ईडी दफ्तर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
धरने को सम्बोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि गत आठ वर्ष से मोदी जी एवं मोदी सरकार देश में तानाशाहीपूर्ण तरीके से शासन कर रहे हैं तथा देश की राजनीति का दुर्भाग्य है कि फासिस्टवादी ताकत केन्द्र में नीति निर्धारण कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के आम चुनावों में जनता से जो वादे भाजपा ने किये थे, सत्ता में आने के पश्चात् उनका लेखा-जोखा अथवा हिसाब भाजपा सरकार जनता के बीच नहीं रख रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जनता से किये वादे को पूरा करने की बजाए किसानों के स्वाभिमान पर चोट करने का कार्य किया, विरोधी नेताओं के विरूद्ध षडय़ंत्र के तहत् झूठे मुकदमें दर्ज करने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि झूठे केस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ईडी का नोटिस देकर केन्द्र की भाजपा सरकार ने हद पार की है तथा केन्द्र सरकार का यह रवैया तानाशाही की पराकाष्ठा है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि यदि इस वक्त केन्द्र की भाजपा सरकार के खिलाफ आवाज नहीं उठाई तो आने वाली पीढिय़ां कभी माफ नहीं करेगी।
डोटासरा ने कहा कि नेशनल हेराल्ड अखबार आजादी के आन्दोलन में अंग्रेजों के खिलाफ लोगों की आवाज उठाने का कार्य करता था तथा इस अखबार का आजादी के आन्दोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि घाटे में जा रहे अखबार को कांग्रेस पार्टी ने आजादी के आन्दोलन की धरोहर मानकर 90 करोड़ रूपये का ऋण दिया, ऋण ना चुका पाने पर नेशनल हैराल्ड द्वारा कानूनी प्रावधानों के अन्तर्गत यंग इण्डिया जो कि नॉन प्रोफिट ऑर्गेनाईजेशन है को अपने शेयर प्रदान करती है, इस सम्पूर्ण कार्यवाही को भारत का कानून एवं संविधान इजाजत प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि सुब्रह्मणयम स्वामी जिन्होंने इस मामले का मुकदमा दर्ज करवाया था, स्वयं मानते हैं कि इस प्रक्रिया में किसी कानून का उल्लंघन नहीं हुआ है । उन्होंने कहा कि प्रकरण कोर्ट में विचारधीन है, ऐसी स्थिति में ईडी का नोटिस देकर केन्द्र की भाजपा सरकार ने निरंकुश एवं तानाशाह होने का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के किसी भी अत्याचार से कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं डरेंगे तथा चाहे लाठी खानी पड़े अथवा जेल जाना पड़े कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी के साथ मजबूती के साथ इंसाफ की लड़ाई लडऩे के लिए खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि यदि झूठे मुकदमें में राहुल गांधी को गिरफ्तार करने की कुचेष्टा केन्द्र सरकार ने की तो कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तारियां देकर देशभर की जेलें भर देंगे।
धरने को मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला, डॉ. चन्द्रभान, गोविन्द राम मेघवाल, शकुंतला रावत, ममता भूपेश, रमेशचन्द मीणा, परसादीलाल मीणा, प्रतापसिंह खाचरियावास, राज्यमंत्री राजेन्द्र सिंह गुढा, विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा, मुकेश भाकर, रामनिवास गावडिय़ा, इन्द्राज गुर्जर, जगदीश जांगिड़, संदीप यादव, गिरिराज सिंह मलिंगा, प्रदेश उपाध्यक्ष नसीम अख्तर इंसाफ, सामाज कल्याण बोर्ड की चेयरमेन डॉ. अर्चना शर्मा, आरटीडीसी के चेयरमेन धर्मेन्द्रसिंह राठौड़, केशकला बोर्ड के चेयरमेन महेन्द्र गहलोत, एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी, रिद्धकरण चौधरी, दिनेश सूण्डा सहित अनेक नेताओं ने सम्बोधित किया।



