
अब दिन एक-एक मिनट बड़े होते जाएंगे, रात पर भी पड़ेगा असर
जयपुर- 15 जनवरी। माघ कृष्ण सप्तमी पर शनिवार रात 8 बजकर 45 मिनट पर सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही सूर्य का उत्तरायण आ गया है। इसके साथ ही आज से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। वहीं दिन तेज गति से बढ़ने और रातें छोटी होना शुरू हो जाएगी। यानी दिन रोजाना एक-एक मिनट बढ़ते जाएंगे और रातें एक-एक मिनट छोटी होती जाएगी।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि अब धीरे-धीरे दिन बड़े होने लग जाएंगे और रातें छोटी होना शुरू होगी। 25 दिसम्बर से दिन आधे-आधे मिनट बड़े हो रहे थे, जो अब एक-एक मिनट बढ़ना शुरू होंगे। इस क्रम से बढ़ने के कारण 21 मार्च को दिन-रात बराबर हो जाएंगे। उसके बाद दिन बड़े और रातें छोटी होना शुरू हो जाएगी। अभी रातें 13 घंटा 31 मिनट और दिन 10 घंटा 29 मिनट का हो रहा है। आज दिन 10 घंटा साढ़े 29 मिनट का रहेगा, रात 13 घंटा 30 मिनट की रहेगी, जिसमें अब रोजाना एक-एक मिनट का अंतर आता जाएगा। यानी रातें एक-एक मिनट छोटी और दिन एक-एक मिनट बड़े होने शुरू जाएंगे। 16 जनवरी को 10 घंटा 30 मिनट का दिन रहेगा, वहीं रात 13 घंटा 30 मिनट की रहेगी। ऐसे रोजाना दिन और रात में एक-एक मिनट का अंतर होता जाएगा। सूर्य का उत्तरायण होने का असर यह होगा कि राजस्थान पर सूर्य की किरणें सीधे पड़ने लग जाएगी, वहीं सर्दी का प्रभाव कम होता जाएगा।
ज्योतिषाचार्यों का कहना हैं कि सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही शादी-ब्याह मांगलिक कार्य शुरू गए है। साल 2023 में खूब शादी-ब्याह होंगे। जून तक करीब पांच माह में ही 49 दिन शादी-ब्याह के पंचांगीय मुहूर्त रहेंगे। इनमें सबसे अधिक मई में 16 दिन विवाह मुहूर्त है। वहीं जून में 12 दिन शहनाइयां बजेगी। जबकि फरवरी में 11 दिन और जनवरी में 8 दिन विवाह मुहूर्त रहेंगे। इस बीच मार्च में भी दो दिन पंचांगीय विवाह मुहूर्त रहेंगे। हिंदू पंचांग की काल गणना के आधार पर जब सूर्य मकर राशि से मिथुन राशि की यात्रा करते हैं, तब इस अंतराल को उत्तरायण कहा जाता है। ऐसे में सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही उत्तरायण शुरू हो गया है। उत्तरायण पर्व का विशेष महत्व होता है। सूर्यदेव के उत्तरायण होने पर पवित्र नदियों में स्नान, ध्यान और दान किया जाता है। वहीं नए कार्य, गृह प्रवेश, यज्ञ, व्रत – अनुष्ठान, विवाह, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाते है। सूर्यदेव 6 महीने के लिए उत्तरायण रहेंगे, इसके बाद 6 महीनों के लिए दक्षिणायन होंगे।



