क्राइम

अंतरराज्यीय गैंग ऑफ ठग का पर्दाफाश, महिला समेत 3 गिरफ्तार

नई दिल्ली- 29 जनवरी। सोने व डायमंड के गहने पहनी अकेली महिला को देखकर ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय ‘गैंग ऑफ चीटर्स’ का पर्दाफाश साउथ रोहिणी पुलिस ने किया है। जिसमें महिला ठग पहले पंजाब में अपने पति के साथ वारदातें करती थी,परन्तु पति की जेल में मृत्यु हो जाने के बाद वह दिल्ली में अपने बेटी और बेटे के साथ आकर अपने एक अन्य साथी के साथ वारदात करने लगी। महिला दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़ व पंजाब आदी शहरों में घूम-घूम कर वारदातों को अंजाम दिया करती थी।

महिला की उम्र 62 साल है। आरोपितों की पहचान लव कुमार उर्फ डब्बू, आशु अरोड़ा और रजनी अरोड़ा उर्फ रानी बाला के रूप में हुई है। रजनी और आशु मां बेटे है। आरोपितों के कब्जे से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार और करीब 15 लाख रुपये के गहने जब्त किये हैं। गैंग आध्यात्मिक गुरु और शिष्य के रूप में काम करता था। गैंग ने पूरे उत्तर भारत में निर्दोष व्यक्तियों (विशेषकर महिलाओं) को शिकार बनाया करता था। पुलिस अब हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़ और पंजाब से संपर्क कर गैंग के बारे में पता करने की करने की कोशिश कर रही है। डीसीपी प्रणव तयाल ने शनिवार को बताया कि आशु और उसकी मां रजनी अरोड़ा मनका रोड, लुधियाना, पंजाब की रहने वाली हैं।

जबकि लव कुमार कादीपुर गांव कर रहने वाला है। डीसीपी ने बताया कि बीते मंगलवार को साउथ रोहिणी पुलिस को एक महिला के साथ ठगी होने की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता शाहसी बत्रा ने बताया कि दोपहर सवा 12 बजे एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आया और किसी पते का रास्ता पूछा। इस बीच एक महिला भी वहां आई और उससे कहा कि आप इस व्यक्ति को नहीं जानते हैं, वह राधा स्वामी का एक महान भगत है और आपको हर तरह की परेशानियों से छुटकारा दिला सकता है।

कुछ ही देर में दोनों उससे बातचीत करते हुए एक पार्क में ले गए। उससे सोने की चूड़ियां, अंगूठी और कान की बाली उतारने को कहा। उनके कहने पर पीड़िता ने अपने गहने उतारकर उनको सौंप भी दिये। उन्होंने गहनों को रूमाल में रखा,हालांकि, चतुराई से इसे दूसरे रूमाल से बदल दिया गया, जिसमें कुछ नकली सामान था। इसके अलावा, शिकायतकर्ता को सोते समय इसे तकिए के नीचे रखने और सुबह ही खोलने के लिए कहा गया।

लेकिन जब वह उठी, तो उसे अपने गहनों के बजाय लोहे की चूड़ियां मिलीं। तब उसे एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज किया। एसएचओ संजय कुंडू की देखरेख में एसआई वीरेंद्र सिंधु हेड कांस्टेबल प्रदीप कांस्टेबल बलजीत और आशीष को आरोपितों को पकड़ने का जिम्मा सौंपा गया।

वारदात के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। जिसमें एक लाल रंग की कार दिखाई दी। जिसमें आरोपित आए थे। उसके आने और जाने वाले रूट पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। पुलिस टीम ने आखिरकार कार के अंतिम चार अंक प्राप्त कर लिए। इसके बाद सभी लाल रंग की स्पार्क कार के बारे में आरटीओ ऑफिस अधिकारियों से संपर्क कर डिटेल मांगी गई।

पता चला कि लाल रंग की स्पार्क कार खड्डा कॉलोनी बुराड़ी में रहने वाले कुलवंत सिंह के नाम पर है। कुलवंत ने बताया कि उसने कुछ समय पहले कार को जोगिन्द्र सिंह को बेच दी थी। जोगिन्द्र ने बताया कि उसने कार को आगे लव कुमार उर्फ डब्बू को बेच दिया था। बीते शुक्रवार सुबह को लव कुमार उर्फ डब्बू के घर के आगे ही कार खड़ी थी। मौके पर घेराबंदी करके करीब 10.30 बजे जब तीनों आरोपित कार में बैठकर गुरुग्राम अपने शिकार के लिये निकले थे। तभी तीनों को मौके पर ही दबोच लिया।

आरोपितों से पूछताछ करने पर पता चला कि गैंग फरीदाबाद (हरियाणा), हनुमानगढ़ (राजस्थान) और मोहाली (पंजाब) में धोखाधड़ी की वारदात कर चुका था। करीब दो महीने पहले चंडीगढ़ में एक अधेड़ महिला से चार चूड़ियां और एक चेन ठगी थी। आरोपित रजनी ऐसी कई वारदातों में शामिल रही है।

2015 में उसे और उसके पति को थाना सेक्टर-36 चंडीगढ़ और सेक्टर-34 पुलिस ने कई मामलों में गिरफ्तार किया गया था।

2015 से जून 2021 तक वह न्यायिक हिरासत में रहीं। उसके पति की मृत्यु 21 अप्रैल को कुरुक्षेत्र जेल में हुई थी। जेल से आने के बाद उसने फिर से लव कुमार उर्फ डब्बू से संपर्क किया और दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़ व पंजाब में वही अपराध करना शुरू कर दिया।

आरोपी लव कुमार उर्फ डब्बू ऐसे कई धोखाधड़ी के मामलों में शामिल रहा है। वह 2015 में आरोपित रजनी अरोड़ा उर्फ रानी बाला और उसके पति का ड्राइवर था। उसे भी सेक्टर 34 और 36 थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह लगभग एक वर्ष न्यायिक हिरासत में रहा। जेल से आने के बाद आरोपित रजनी अरोड़ा उर्फ रानी बाला ने फिर वही अपराध करने की सलाह दी। फिर आरोपित लव कुमार उर्फ डब्बू ने अपराध करने के लिए सत्तर हजार रुपये में एक सेकेंड हैंड कार खरीदी।

जबकि आरोपित आशु अरोड़ा आरोपित रजनी अरोड़ा उर्फ रानी बाला की बेटी का बेटा है। लेकिन उनके माता-पिता का बचपन से ही देहांत हो गया था। इसलिए उनका जन्म और पालन-पोषण आरोपित रजनी अरोड़ा उर्फ रानी बाला ने किया। जेल से आने के बाद उसने उसे भी शामिल किया क्योंकि उसने कोरोना के कारण अपनी नौकरी छोड़ दी थी।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button