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जम्मू व कश्मीर में बदल रही है फिजा, लड़कियों को पढ़ने के साथ खेल में भी मिल रहा है प्रोत्साहन

नई दिल्ली- 24 जनवरी। जम्मू एवं कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद वहां की फिजा बदल रही है। खासकर लड़कियों की शिक्षा के साथ साथ अब खेल में भी प्रोत्साहन मिलने लगा है।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2023 से नवाजी गईं मार्शल आर्ट चैंपियन 16 वर्षीय हनाया निसार बताती हैं कि अब घाटी के हालत सुधरे हैं। कश्मीर की वादियों की लड़कियां अब पढ़ने के साथ साथ खेल में भी आगे आ रही हैं। खासकर मार्शल आर्ट में लड़कियां आगे आ रही हैं। वे बताती हैं कि अगर सरकार का साथ पूरी तरह इस खेल को मिले तो कश्मीर की लड़कियां इसमें पूरे देश का नाम रौशन कर सकती हैं। वे बताती हैं कि स्काय मार्शल आर्ट को भारतीय खेल प्राधिकरण में शामिल किया जाना चाहिए जिससे इसकी ट्रेनिंग के लिए लड़कियों को मदद मिल सकेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात को लेकर उत्साहित हनाया ने बताया कि मार्शल आर्ट को लेकर लोग ज्यादा गंभीर नहीं होते जबकि लड़कियों के लिए यह एक बेहतरीन सेल्फ डिफेंस साबित हो सकता है। हनाया बताती है कि स्काय मार्शल आर्ट को लेकर वैसे भी अभिभावक काफी चिंतित रहते हैं क्योंकि इसमें चोटिल होने का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे में सरकारी मदद मिलने से इस खेल को भी प्रोत्साहन मिलेगा। सुविधाएं और सुनहरा भविष्य को देख कर इस खेल के प्रति ज्यादा लड़कियों का रुझान बढ़ेगा।

हनाया ने बताया कि प्रधानमंत्री से मुलाकात कर वे उनका ध्यान इस ओर जरुर आकर्षित करेंगी कि इस खेल को भारतीय खेल प्राधिकरण में शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ इस खेल को भी स्पोंसरशिप मिलें ताकि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिल सके।

उल्लेखनीय है कि जम्मू एवं कश्मीर की रहने वाली 16 वर्षीय हनाया निसार पिछले 7 वर्षों से स्काय मार्शल आर्ट खिलाड़ी हैं। उन्होंने 12 साल की छोटी उम्र चिंगजू, दक्षिण कोरिया (अक्टूबर 2018) में तीसरी विश्व स्काय़ मार्शल आर्ट चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया और स्वर्ण पदक जीता ।

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Author: lakshyatak

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