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यमुना को साफ करने के लिए विधानसभा में 1028 करोड़ रूपये के अतिरिक्त फंड को मंजूरी

नई दिल्ली- 19 जनवरी। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के यमुना को साफ करने के विजन को गति देने की दिशा में गुरुवार को दिल्ली विधानसभा में यमुना की सफाई व दिल्ली जलबोर्ड के लिए सदन द्वारा 1028 करोड़ रूपये के पूरक अनुदान को मंजूरी दी गई। उपमुख्यमंत्री व जलमंत्री मनीष सिसोदिया ने यमुना सफाई के लिए पूरक अनुदान की मांग को सदन पटल पर रखा और सदन ने इसे मंजूरी दी।

सदन में सिसोदिया ने कहा कि एलजी ने अफसरों पर दबाव बनाकर यमुना सफाई के काम को रोकने का हर संभव प्रयास किया। सदन से बजट मंजूर होने के बावजूद जलबोर्ड के काम रोके गए। इन्होने पहले प्रोजेक्ट्स को रोकने का प्रयास किया। प्रोजेक्ट्स नहीं रुके तो इन्होंने फण्ड रोक दिए लेकिन यमुना की सफाई का काम जारी है।

दिल्ली सरकार यमुना की सफाई का काम कभी रुकने नहीं देगी। उन्होंने साझा किया कि सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड के रुके पैसों को तो जारी करवा ही दिया है साथ ही यमुना की सफाई के लिए 1028 करोड़ रूपये का एडिशनल बजट भी जारी किया है। ताकि यमुना को साफ़ करने के कामों में तेजी लाइ जा सकें।

सिसोदिया ने कहा कि यमुना की सफाई का काम रुकना नहीं है। अगले चुनावों से पहले यमुना साफ होकर रहेगी तो यमुना साफ होकर रहेगी। इसके लिए जो भी करना पड़े- जैसे भी करना पड़े हम करेंगे। दिल्ली सरकार इस दिशा में युद्धस्तर पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि खुद मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने यमुना की सफाई को अपनी प्राथमिकता बनाते हुए स्वयं हर एक पहलू पर बारीकी से नजर बनाए रखी है और रोजाना 1-1 नाले उसकी, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट काम कर रहा है या नहीं, कितना काम कर रहा है, ट्रीटटेड पानी कहा जा रहा है आदि के विषय में अधिकारियों से प्रोग्रेस रिपोर्ट लेते है व उसकी जांच करते है।

इस दिशा में यमुना को साफ करने के काम को और तेजी से बढ़ाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड को 1028 करोड़ रूपये का एडिशनल फंड दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा और एलजी चाहे जितने प्रयास कर ले दिल्ली सरकार यमुना साफ करने के काम को रुकने नहीं देगी।

उल्लेखनीय है कि यमुना सफाई के लिए पूरक अनुदान के अतिरिक्त सरकार द्वारा दिल्ली के तरक्की की गति को बढ़ाने व लोकहित के कामों में तेजी लाने की श्रृंखला में दिल्ली विधानसभा द्वारा वर्ष 2022-23 के लिए मुख्यमंत्री सड़क योजना में 100 करोड़ रूपये के अतिरिक्त फंड, ट्रांस-यमुना एरिया वर्क के लिए 49 करोड़, पीडब्ल्यूडी के रोड मेनटेनेंस,अतिरिक्त क्लासरूम निर्माण,अस्पतालों के री-मॉडलिंग आदि के लिए लगभग 800 करोड़ के अतिरिक्त फंड, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के लिए 75 करोड़,छठ घाटों के लिए 8 करोड़, शहीदों को 1-1 करोड़ रूपये की सम्मान राशी देने के मद में 25 करोड़ की अतिरिक्त राशी,मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के लिए अतिरिक्त 50 करोड़,एससीएसटी वेलफेयर के लिए 75 करोड़,डीजीएचएस के लिए 50 करोड़,अस्पतालों के फंड के लिए 364 करोड़ रूपये,उच्च शिक्षा के लिए 78 करोड़ ,समग्र शिक्षा अभियान के लिए 199 करोड़, यूनिफार्म सब्सिडी के लिए 130 करोड़, मिड डे मील के लिए 114 करोड़, लॉ डिपार्टमेंट के लिए 60 करोड़, वकीलों की बेहतरी के लिए केजरीवाल सरकार योजना के तहत 10 करोड़ रूपये व दिल्ली हाई कोर्ट व सिविल कोर्ट के विभिन्न मदों के लिए 311 करोड़ रूपये के अतिरिक्त फंड को मंजूरी दी गई।

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Author: lakshyatak

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