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बिहार में कवयित्री अनामिका अंबर की बड़ी बेइज्जती,अधिकारी ने काव्यपाठ से रोका, हुई दिल्ली वापस

सोनपुर- 26 नवम्बर। बिहार प्रसिद्ध सोनपुर मेले में शुक्रवार रात पर्यटन विभाग पंडाल के कला मंच पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में आयोजकों ने कवयित्री डॉ अनामिका अंबर जैन को काव्यपाठ करने से रोक दिया। सम्मेलन में शामिल होने आए अन्य कवियों ने दिनकर,रेणु की धरती पर देश के कवियों-साहित्यकारों का अपमान बताकर कार्यक्रम का ही बहिष्कार कर दिया। विवाद बढ़ता देख जिला प्रशासन ने आमंत्रित कवियों को उनका निर्धारित भुगतान कर वापस भेज दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पर्यटन विभाग के मंच पर बीती रात कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम शुरू होने से पहले छपरा एडीएम ने कार्यक्रम के संचालक संजीव मुकेश से कहा कि अनामिका अंबर जैन को छोड़कर बाकी सभी कवि कविता पाठ करेंगे। इससे सभी कवि गुस्सा गये। कार्यक्रम के संयोजक कवि संजीव मुकेश ने आमंत्रित कवि को कविता पाठ से रोकने पर गहरा दुख व्यक्त किया। साथ ही मंच पर न जाने के लिए खेद भी व्यक्त किया।

प्रशासन का कहना था कि उन्हें कवयित्री के कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं थी। 25 नवम्बर को सोनपुर मेले में कोई बड़ा कार्यक्रम तय नहीं था। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी पहले आमंत्रण कार्ड से जिला प्रशासन के इस दावे की पुष्टि होती है। इससे पहले आमंत्रण कार्ड में 25 नवम्बर को किसी कार्यक्रम का जिक्र नहीं था। कवयित्री अनामिका जैन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह ज्ञान और बुद्ध की धरती है। यहां से बिना कविता पाठ के लौटना ज्ञान का अपमान है। वे शनिवार सुबह दिल्ली की फ्लाइट से लौट गयी।

प्रशासन की तरफ से सोनपुर मेले का पहला आमंत्रण पत्र इसके उद्घाटन वाले दिन आठ नवंबर को जारी किया गया था। इसमें 25 नवम्बर के किसी कार्यक्रम की सूचना प्रकाशित नहीं थी। इसी कार्यक्रम का दूसरा कार्ड प्रशासन की तरफ से 12 नवम्बर को जारी किया गया। दूसरे कार्ड में अनामिका जैन अंबर समेत अन्य कवियों के नाम शामिल हैं। दूसरे कार्ड में काव्य पाठ का कार्यक्रम 25 नवम्बर तय किया गया, जो पहले कार्ड में रिक्त था। इस पर सियासत भी शुरू हो गई है।

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Author: lakshyatak

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