देखिए नाम बदलते ही मेजर ध्यानचंद खेल रतन पुरस्कार में क्या क्या बदला यह है जानना बेहद जरूरी….

8 अगस्त: मेजर  खेल रत्न जिसे पहले राजीव गाँधी खेल रत्न के नाम से जाना जाता था, भारत का खेल जगत में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। इस सम्मान का नाम पहले पूर्व प्रधानमन्त्री राजीव गाँधी के नाम ‘पर रखा गया गया था लेकिन केंद्र सरकार ने राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदल दिया है. सरकार ने इसे हॉकी के ‘जादूगर’ कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखने का फ़ैसला किया गया है। 6 अगस्त 2021 को प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी।
यह सम्मान 1991-92 में शुरू किया गया। खेल के क्षेत्र में सराहना और जागरूकता के लिए इस सम्मान की स्थापना की गयी थी। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनकी प्रतिष्ठा बढ़ाना है
मेजर ध्यानचंद कौन थे?
मेजर ध्यानचंद एक भारतीय हॉकीटीम के खिलाडी एवं कप्तान थे, जिनकी गिनती दुनिया के श्रेष्ठतम खिलाडियों में होती है। मेजर ध्यान चन्द को हॉकी का जादूगर कहा जाता था। हॉकी के खेल में ध्यान चन्द ने लोकप्रियता का जो कीर्तिमान स्थापित किया है, उसके आसपास भी आज तक दुनिया का कोई खिलाड़ी नहीं पहुँच सका है। वे रात में भी बहुत अभ्यास करते थे, इसलिए उन्हें उनके साथी चाँद कहकर पुकारते थे। वे तीन बार ओलम्पिक के स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य रहे| उनकी जन्मतिथि को भारत में “”राष्ट्रीय खेल दिवस”” के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने अपने खेल जीवन में 1000 से अधिक गोल दागे।
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किससे और कब दिया जाता है :-
भारत सरकार द्वारा यह पुरस्कार प्रतिवर्ष व्यक्ति या किसी संस्था को खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दिया जाता है
प्राप्तकर्ता खिलाड़ियों का चयन:-
प्राप्तकर्ताओं को मंत्रालय द्वारा गठित एक समिति द्वारा चुना जाता है और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पिछले चार साल की अवधि में खेल क्षेत्र में शानदार और सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाता है।
पदक:-
राशि :- इस सम्मान में एक पदक, सम्मान सहित एक प्रमाण पत्र और नक़द इनाम मिलता है। सन् 2004-05 तक, नक़द रुपयों की संख्या 5,00,000/- थी। अब यह संख्या 5,00,000 से बढ़ाकर 7,50,000 कर दी गयी थी लेकिन अब यह राशि बढ़ाकर 25 लाख कर दिया गया है!
निशुल्क यातायात की सुविधा :-
भारत सरकार द्वारा सम्मानित व्यक्तियों को रेलवे की मुफ्त पास सुविधा प्रदान की जाती है जिसके तहत राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार विजेता राजधानी या शताब्दी गाड़ियों में प्रथम और द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित कोचों में फ्री यात्रा कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण नोट:
वर्ष 2008 में राजीव गाँधी खेल रत्न किसी को नहीं दिया गया।
वर्ष 2014 में राजीव गाँधी खेल रत्न किसी को नहीं दिया गया।
राजीव गांधी खेल रतन पुरस्कार में मिलने वाली सुविधाएं आवाज और राशि पहले की तरह सामान रहेंगी केवल इसका नाम बदल कर मेजर ध्यानचंद अवार्ड किया गया है और अभी इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है ना ही सरकार की ऐसी कोई अभी योजना है
स्पेशल रिपोर्ट राष्ट्रभक्त दैनिक शोषित समाचार
lakshyatak
Author: lakshyatak

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