खादी अगरबत्ती आत्म-निर्भर मिशन’

7 अगस्त : केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री नितिन गटकरी ने अगरबत्ती उत्पादन में भारत को आत्म-निर्भर बनाने के लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) द्वारा प्रस्तावित ‘खादी अगरबत्ती आत्म-निर्भर मिशन’ कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है।

निजी सार्वजनिक साझेदारी पर केवीआईसी द्वारा बनाई गई इस योजना में बहुत कम निवेश में ही स्थायी रोजगार का सृजन किया जा सकेगा।
यह योजना निजी अगरबत्ती निर्माताओं को उनके द्वारा बिना किसी पूंजी निवेश के ही अगरबत्ती का उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगी।
इस योजना के तहत, केवीआईसी सफल निजी अगरबत्ती निर्माताओं के माध्यम से कारीगरों को अगरबत्ती बनाने की स्वचालित मशीन और पाउडर मिक्सिंग मशीन उपलब्ध कराएगा।
इस संबंध में पीपीपी मोड पर परियोजना के सफल संचालन के लिए केवीआईसी और निजी अगरबत्ती निर्माता के बीच दो-पक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
केवीआईसी मशीनों की लागत पर 25% सब्सिडी प्रदान करेगा और कारीगरों से हर महीने आसान किस्तों में शेष 75% की वसूली करेगा।
कारीगरों के प्रशिक्षण की लागत केवीआईसी और निजी व्यापार भागीदार के बीच साझा की जाएगी, जिसमें केवीआईसी लागत का 75% वहन करेगा, जबकि 25% व्यापार भागीदार द्वारा भुगतान किया जाएगा।

खादी और ग्रामोद्याग आयोग

खादी और ग्रामोद्याग आयोग संसद के एक अधिनियम द्वारा सृजित वैधानिक संगठन है|
इसे अप्रैल 1957 में स्थापित किया गया था।
यह संगठन सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत है।

‘खादी अगरबत्ती आत्म-निर्भर मिशन’ नाम से शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में बेरोजगारों और प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार पैदा करना और घरेलू अगरबत्ती उत्पादन में पर्याप्त तेजी लाना है।

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Author: lakshyatak

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