Vodafone-idea पर मंडराया संकट ,अब क्या होगा ?

वोडाफोन आइडिया (VI) के नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने बुधवार को पद से इस्तीफा दे दिया ।कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने बिड़ला का इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है।
5 अगस्त : बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वर्तमान में कंपनी में नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं हिमांशु  कपानिया को कंपनी का नया नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन चुना है।
कुमार मंगलम बिड़ला द्वारा राजीव गाबा को लिखे पत्र के बाद शेयर बाजार में वोडाफोन आइडिया का शेयर शेयर जमकर टूटा। 4 अगस्त को यह 20% टूट कर 5.94 रुपए पर पहुंच गया।आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने भारी कर्ज में डूबी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (VIL) में अपनी हिस्सेदारी छोड़ने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि वह अपनी हिस्सेदारी सरकार या किसी अन्‍य कंपनी, जिसे सरकार समझे कि वह चला सकती है, को देने को तैयार हैं।
  • वोडाफोन आइडिया का शेयर आज 20% टूट कर 5.94 रुपए पर चला गया है
  • पिछले 3 सालों में 85% तक टूटा शेयर, अगस्त 2018 में 33 रुपए पर था

सरकार से मिल सकती है राहत

सूत्रों से पता चला है किसरकार टेलीकॉम सेक्टर को एक राहत पैकेज देने की तैयारी कर रही है। इसका प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा गया है। इस महीने के अंत तक इसकी घोषणा हो सकती है। लेकिन आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला की पेशकश पर सरकार ने किसी भी तरह का प्लान नहीं बनाया है। बिड़ला ने सरकार को भेजे पत्र में अपील की है कि वह वोडाफोन आइडिया में अपनी हिस्सेदारी किसी भी सरकारी कंपनी या घरेलू कंपनियों को देने को तैयार हैं। कंपनी में बिड़ला की 27.66% और वोडाफोन की 44.39% हिस्सेदारी है। अभी तक इस मामले में वोडाफोन ने सरकार से कोई बातचीत नहीं की है।
 कंपनी इस ज्वाइंट वेंचर में अब कोई भी पैसा नहीं डालना चाहती है। क्योंकि BSNL के लिए सरकार ने पहले ही 70 हजार करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की है। इसलिए सरकार अब टेलीकॉम सेक्टर में कोई पैसा खर्च नहीं करना चाहती है। वोडाफोन के CEO निक रीड ने पिछले दिनों कहा था कि भारत में टेलीकॉम सेक्टर तनावपूर्ण स्थिति में है.
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Author: lakshyatak

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