औद्योगिक श्रमिकों का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 1.1 अंक बढ़कर 121.7 पहुंचा

31 जुलाई :श्रम ब्यूरो, श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय से संबंधित कार्यालय द्वारा हर महीने औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन सम्पूर्ण देश में फैले हुए 88 महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा मूल्यों के आधार पर किया जाता है। सूचकांक का संकलन 88 औद्योगिक केंद्रों एवं अखिल भारत के लिए किया जाता है और आगामी महीने के अंतिम कार्यदिवस पर जारी किया जाता है। जून, 2021 के लिए सूचकांक इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जारी किया जा रहा है।

जून, 2021 का अखिल भारत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) 1.1 अंक बढ़कर 121.7 (एक सौ इक्कीस दशमलव सात) अंकों के स्तर पर संकलित हुआ। सूचकांक में पिछले माह की तुलना में 0.91 प्रतिशत की वृद्धि रही जबकि एक वर्ष पूर्व इन्हीं दो महीनों के बीच 0.61 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।

सूचकांक में दर्ज वृद्धि में अधिकतम योगदान खाद्य एवं पेय समूह का रहा जिसने कुल बदलाव को 0.72 बिन्दु प्रतिशतता से प्रभावित किया। मदों में, चावल, ताजी मछली, पोल्ट्री/चिकन, मुर्गी का अंडा, खाने का तेल, सेब, केला, बेंगन, गाजर, फूलगोभी, फ्रेंच बीन, प्याज, आलू, टमाटर, चाय-पत्ती, बिजली घरेलू, मिट्टी का तेल, बार्बर/वियूटिसियन, डॉक्टर/सर्जन प्रभार, गाड़ी का पेट्रोल, इत्यादि सूचकांक को बढ़ाने में सहायक रहे। इसके विपरित मुख्यतः अरहर दाल, ताजा नारियल पल्प सहित, आम, अनार, तरबूज, नींबू, ईमली, आदि ने सूचकांक में दर्ज वृद्धि को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

केंद्र-स्तर पर शिलॉंग के सूचकांक में अधिकतम 6.2 अंक की वृद्धि रही जिसके पश्चात पुदुचेरी और भोपाल में क्रमश: 3.5 और 3.1 अंक की वृद्धि दर्ज की गई। अन्य 13 केंद्रों में 2 से 2.7 अंक, 30 केंद्रों में 1 से 1.9 अंक के बीच तथा 32 केंद्रों में 0.1 से 0.9 अंक के बीच वृद्धि रही। इसके विपरीत, इंदौर में अधिकतम 1.1 अंक की कमी रही । अन्य 7 केंद्रों में 0.1 से 0.7 अंक की कमी पाई गई। शेष 2 केंद्रों के सूचकांक स्थिर रहे।

जून, 2021 के लिए मुद्रास्फीति दर पिछले महीने के 5.24 प्रतिशत तथा गत वर्ष के इसी माह के 5.06 प्रतिशत की तुलना में 5.57 प्रतिशत रहा। खाद्य-स्फीति दर पिछले माह के 5.26 प्रतिशत एवं एक वर्ष पूर्व इसी माह के 5.49 प्रतिशत की तुलना में 5.61 प्रतिशत रहा।

वरिष्ठ श्रम और रोजगार सलाहकार तथा मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) श्री डीपीएस नेगी, ने एक ट्वीट संदेश में कहा कि जून, 2021 के दौरान सूचकांक में वृद्धि देश में विभिन्न एजेंसियों द्वारा संकलित और जारी किए गए अन्य सभी उपभोक्ता मूल्य सूचकांकों के अनुरूप है और खाद्य तथा पेय पदार्थों और ईंधन वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी सूचकांक में वृद्धि के लिए जिम्मेदार है।श्री नेगी ने आगे कहा, ‘मजदूरी में वृद्धि से उस श्रमिक वर्ग के परिवारों को कुछ राहत मिलेगी, जिन्होंने लॉकडाउन अवधि के दौरान कई मुश्किलों का सामना किया है।’

इस महीने की वर्ष-दर-वर्ष महंगाई दर 5.57 फीसदी रही जबकि पिछले महीने यह 5.24 फीसदी और पिछले वर्ष इसी महीने के दौरान 5.06 फीसदी रही थी। इसी प्रकार, खाद्य मुद्रास्फीति 5.61 प्रतिशत रही जबकि पिछले महीने यह 5.26 प्रतिशत और पिछले वर्ष इसी महीने के दौरान 5.49 प्रतिशत रही थी।

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Author: lakshyatak

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