राष्‍ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा जनजातीय समुदायों से संबंधित दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम का आज नई दिल्‍ली में समापन

31 जुलाई : राष्‍ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा दिनांक 29 -30 जुलाई, 2021 नई दिल्‍ली में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार एवं पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्‍तार) अधिनियम, 1996 के क्रियान्‍वयन से संबंधित विभिन्‍न मुद्दों पर दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत आज पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्‍तार) अधिनियम, 1996 के प्रावधानों और उसके क्रियान्‍वयन में आने वाली समस्‍याओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में आयोग के माननीय अध्‍यक्षश्री हर्ष चौहान ने अपने संबोधन में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्‍तार) अधिनियमके प्रभावी क्रियान्‍वयन के लिए जागरूकता बढ़ाए जाने की आवश्‍यकता पर बल दिया। संवाद कार्यक्रम में श्री फग्‍गन सिंह कुलस्‍ते, माननीय राज्‍य मंत्री ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा श्री खुशवंत सेठी, संयुक्‍त सचिव, पंचायती राज मंत्रालय भी उपस्थित हुए।आयोग के माननीय सदस्‍यश्री अनंत नायक, सचिव श्रीमती अलका तिवारी, सांसद श्री रामविचार नेताम एवं श्रीमती संपतिया उइके सहित आयोग के अधिकारी और कर्मचारी भी इसमें सम्मिलित हुए।

संवाद कार्यक्रम के विभिन्‍न सत्रों में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार की वर्तमान स्थिति और संभावना, नीति, जमीनी वास्‍तविकता और चुनौतियों के समाधान पर विस्‍तार से चर्चा हुईथी तथा विभिन्‍न प्रतिभागियों ने अलग-अलग राज्‍यों में अधिनियम के क्रियान्‍वयन में दिखायी दे रही समस्‍याओं से अवगत कराया था और अपने सुझाव भी दिए थे।

संवाद कार्यक्रम के विभिन्‍न सत्रों में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्‍तार) अधिनियम के कार्यान्‍वयन की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों के समाधान पर विस्‍तार से चर्चा हुई तथा विभिन्‍न प्रतिभागियों ने अलग-अलग राज्‍यों में अधिनियम के क्रियान्‍वयन में दिखायी दे रही समस्‍याओं से अवगत कराया और अपने सुझाव भी दिए। इन सत्रों में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्‍तार) अधिनियम के संबंध में जनजातीय समुदायों में जागरूकता के अभाव, वैधानिक प्रावधानों के कार्यान्‍वयन में विभागों में स्‍पष्‍टता की कमी, ग्राम सभाओं के सशक्‍तीकरण की आवश्‍यकता आदि पर चर्चा की गई।

दो दिवसीय संवाद के समापन में आयोग ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्‍यक्‍त किया। संवाद में दिए गए सुझावों पर विचार करने के बाद आयोग अपनी संस्‍तुति संबंधित विभागोंतथा राज्‍य सरकारों को कार्यवाही के लिए भेजेगा।

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Author: lakshyatak

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