शिक्षा मंत्रालय ने ‘एक समान और समावेशी समाज की ओर : एनईपी 2020 के लक्ष्यों को साकार करना’ पर वेबिनार का आयोजन किया

जयपुर, 31 जुलाई :राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर, शिक्षा मंत्रालय (एमओई) कुछ महत्वपूर्ण पहल शुरू करने जा रहा है। एनईपी 2020 के एक वर्ष के उपलक्ष्य में इन पहलों के भाग के रूप में आठ दिन के लिए विषय आधारित वेबिनारों की एक श्रृंखला की योजना बनाई गई है। इस संदर्भ में स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग व एनसीईआरटी ने आज ‘एक समान और समावेशी समाज की ओर : एनईपी 2020 के लक्ष्यों को साकार करना’ पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार में शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

उद्घाटन भाषण में श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि एनईपी 2020 का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली एक समान और समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह सभी को शिक्षा के लिए दिशानिर्देश उपलब्ध कराती है, जिससे अपनी विविध शिक्षा जरूरत और पृष्ठभूमि से इतर सभी बच्चे विकास और अपनी पूरी मानव संभावनाओं को साकार करने में सफल हो सकते हैं। विशेष रूप से लड़कियों और ट्रांसजेंडर बच्चों सहित एसईडीसी से जुड़े बच्चों को शामिल करने के लिए पाठ्यक्रम और अध्यापन में हस्तक्षेप की जरूरत है।

एनसीईआरडी निदेशक ने मंत्री और अन्य गणमान्य लोगों का स्वागत किया। उन्होंने एनईपी 2020 के संदर्भ में विषयवस्तु के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला और वक्ताओं की सराहना की, जो क्षेत्र में अपने अनुभवों के बारे में बताएंगे।

वेबिनार में तीन विषयवस्तुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो इस प्रकार हैं:

एक समान और समावेशी समाज के लक्ष्य को हासिल करने से जुड़े मुद्दों और चुनौतियों के समाधान से जुड़े अनुभव
बालिका शिक्षा पर जोर के साथ सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित समूहों (एसईडीजी) का समावेशन : एनईपी 2020 के प्रावधानों को आगे बढ़ाना
एनईपी 2020 के विजन : क्षेत्र से आने वाले विचारों के तहत सभी के समावेशन के लिए प्रभावी हस्तक्षेप

बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण सहित समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे राम कृष्ण मिशन, रूम टू रीड, स्व तालीम फाउंडेशन, सेंट मैरी स्कूल, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम, आईटीएल पब्लिक स्कूल, विजनाना विहारा रेजिडेंशियल स्कूल, भारत भारती आदि सहित विभिन्न संगठनों व संस्थानों से आमंत्रित वक्ताओं ने क्षेत्र की मुश्किलों पर काबू पाने और जरूरी हस्तक्षेप करने से जुड़ी अपनी धारणाएं व अनुभव साझा किए। सत्रों का समन्वय एनसीईआरडी संकाय द्वारा किया गया था। हर सत्र विषयवस्तु और एनईपी 2020 के संदर्भ में एनसीईआरटी की हाल की पहलों पर प्रस्तुतीकरण के साथ शुरू हुआ, जिसमें समान और समावेशी शिक्षा पर जोर दिया गया।

एनईपी 2020 के लक्ष्यों पर केंद्रित राष्ट्रीय वेबिनार की कुछ विशेषताएं –

आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम का प्रभावी कार्यान्वयन
श्रवण दोष वाले बच्चों की मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता को पूरा करने के लिए बने विशेष कार्यबल का गठन
समावेशी शिक्षा के लिए शिक्षण-शिक्षा हस्तक्षेप
समावेशन की धारणा में दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों सहित समावेशी अभ्यास को प्रोत्साहन
लड़कियों के टिकाऊ आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कौशल विकास पर जोर
लड़कियों में विशेष रूप से नेतृत्व और फैसला लेने के कौशल के साथ ही 21वीं सदी के कौशल बढ़ाना
शुरुआत में ही पहचान और स्कूलों के आसपास व्यवधान रहित वातावरण तैयार करना
विशेष रूप से 10 बस्तारहित दिनों के दौरान व्यावसायिक शिक्षा और जीवन कौशल का विकास किया जाना
स्कूली पाठ्यक्रम के एक अहम भाग के रूप में बेहतर शिक्षा
शैक्षणिक हस्तक्षेपों में स्वयंसेवकों और समुदाय के सदस्यों को जोड़ना
विभिन्न हितधारकों के साथ साझेदारी के द्वारा समावेशन को जीवन के एक तरीके के रूप में देखना
एक समान और समावेशी समाज के लिए एनईपी 2020 के लक्ष्यों को साकार करने में विभिन्न हितधारकों के मार्गदर्शन के लिए इन बातों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

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Author: lakshyatak

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