सिलिकोसिस पीड़ितों को 15 अगस्त तक सहायता राशि का वितरण, खान सुरक्षा अभियान के दौरान फील्ड में करें निरीक्षण -एसीएस, माइंस

जयपुर, 28 जुलाई। माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने सिलिकोसिस बीमारी से पीडितों और सिलिकोसिस के कारण मृत व्यक्तियों के परिजनों को देय सहायता राशि के आगामी 31 जुलाई, 21 तक के सभी प्रकरणों में 15 अगस्त तक समस्त राशि वितरण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए माइंस विभाग द्वारा डीएमएफटी कोष से 200 करोड़ रुपए से अधिक की राशि 9 जिलों के लिए जारी की जा चुकी है।

डॉ. अग्रवाल मंगलवार को यहां शासन सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से एसएमई कार्यालयों से विभागीय अधिकारियों से रुबरु हो रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा 15 जुलाई से चलाए जा रहे खान सुरक्षा अभियान में सिलिकोसिस जागरुकता पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत सिलिकोसिस पीड़ितों के प्रति संवेदनशील है और 22 जून को आयोजित विभाग की समीक्षा बैठक में भी उन्हाेंने सिलिकोसिस के प्रति जागरुकता और पीड़ितों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

माइंस एसीएस ने बताया कि खान सुरक्षा अभियान के दौरान खनन श्रमिकों में जागरुकता, श्रमिकों के लिए लाभकारी निर्देशों और सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित कराने के साथ ही खानों में अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी कार्यवाही की जानी है। उन्होंने अभियान के दौरान खान पट्टाधारियों को भी सुरक्षा मानकों और नियमानुसार खनन गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। बजरी के अवैध खनन के लिए भीलवाड़ा, अजमेर, नागौर, पाली, जोधपुर, जालौर, सिरोही, राजसमंद, उदयपुर, बाड़मेर, सवाई माधोपुर और टोंक जिले सर्वाधिक संवेदनशील है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन जिलों में बजरी के अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण के खिलाफ सख्त और प्रभावी कार्यवाही की जाए।

टोंक जिले के टोड़ारायसिंह के पास 3 टीमों का गठन कर औचक निरीक्षण के दौरान पाए गए अवैध खनन को गंभीर बताते हुए उन्होंने अधिकारियों को फिल्ड में जाने और क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर नजर रखते हुए अवैध खनन के खिलाफ पुलिस प्रशासन के सहयोग से आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स की मीटिंग समय पर आयोजित कराने की आवश्यकता प्रतिपादित की।

माइंस विभाग के निदेशक श्री के.बी. पण्ड्या ने अभियान के दौरान अधिकारियों को 20 खानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए प्लाटोें के चिन्हीकरण के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि नए ब्लॉकों के ऑक्शन की कार्यवाही आरंभ की जा सके।

माइंस विभाग के उप सचिव नीतू बारुपाल ने विधान सभा के लंबित प्रश्नों, आश्वासनों के उत्तर शीघ्र भिजवाने को कहा।

वीसी में ओएसडी श्री महावीर मीणा, एसएमई श्री एनएस शक्तावत, श्री आलोक जैन, डीएमजी के टीए श्री सतीश आर्य के साथ ही विभाग के अतिरिक्त निदेशकों, एसएमई,एमई, एएमई आदि ने हिस्सा लिया।

lakshyatak
Author: lakshyatak

Leave a Comment

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!